स्टार्टअप नीति

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उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति 2026

उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति 2026 नवाचार-संचालित उद्यमिता इकोसिस्टम को सुदृढ़ बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी रूपरेखा प्रस्तुत करती है। यह अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों को प्रोत्साहित करने, जिला स्तर पर इनक्यूबेशन का विस्तार करने तथा राज्यभर में प्रभावी वित्तीय प्रोत्साहन उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।

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आधिकारिक नीति एवं मिशन दस्तावेज़

पात्रता एवं दिशानिर्देशों से संबंधित विस्तृत जानकारी हेतु आधिकारिक PDF अधिसूचनाएँ डाउनलोड करें।

शीर्ष राज्य रैंकिंग का लक्ष्य
प्रदर्शन-आधारित सशक्तीकरण के माध्यम से उत्तर प्रदेश को भारत के अग्रणी स्टार्टअप इकोसिस्टमों में स्थापित करना।
₹400 करोड़ AKTU कॉर्पस फंड
अनुदान, सीड सहायता, CoE सहायता तथा इकोसिस्टम संवर्धन के लिए समर्पित विस्तारित निधि।
₹1,000 करोड़ उत्तर प्रदेश स्टार्टअप फंड
राज्य के स्टार्टअप को सशक्त बनाने हेतु SEBI-पंजीकृत डॉटर फंड्स के माध्यम से फंड-ऑफ-फंड्स निवेश व्यवस्था।
यू-हब एवं 20 नए CoEs
प्रमुख यू-हब डीप टेक इनक्यूबेशन केंद्र के साथ 20 डोमेन-विशिष्ट सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस (CoEs)।
वित्तीय अनुदान

स्टार्टअप हेतु सरकारी वित्तीय प्रोत्साहन

मासिक अनुदान
₹20,000 / माह
निर्वाह भत्ता

प्रोटोटाइप चरण तक अधिकतम 2 वर्षों के लिए त्रैमासिक आधार पर प्रदान किया जाएगा।

एकमुश्त अनुदान
₹10 लाख तक
प्रोटोटाइप अनुदान

भौतिक अथवा सॉफ्टवेयर अनुप्रयोग प्रोटोटाइप हेतु दो किस्तों (70% अग्रिम, 30% प्रतिपूर्ति) में प्रदान किया जाएगा।

एमवीपी एवं व्यावसायीकरण
₹15 लाख तक
सीड कैपिटल सहायता

कच्चे माल, हार्डवेयर/सॉफ्टवेयर उपकरण, परीक्षण एवं विपणन हेतु। (विशेष मामलों में ₹50 लाख तक)।

सह-निवेश
₹5 करोड़ तक
वित्तीय सहायता पर समतुल्य अनुदान

मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय फंड से न्यूनतम ₹2 करोड़ का निवेश प्राप्त करने वाले स्टार्टअप को 50% समतुल्य अनुदान।

विशेष श्रेणी बोनस
अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन 50%
समावेशी एवं क्षेत्रीय बोनस

महिला, दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर, EWS अथवा पूर्वांचल/बुंदेलखंड के स्टार्टअप के लिए सीड एवं प्रोटोटाइप अनुदान पर 50% अतिरिक्त बोनस।

प्रतिपूर्ति
100% / 75% / 50%
पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणन

पेटेंट एवं प्रमाणन हेतु ₹50 लाख तक के व्यय पर 100% प्रतिपूर्ति; ₹50 लाख–₹1 करोड़ श्रेणी के लिए 75% तथा ₹1 करोड़–₹2 करोड़ श्रेणी के लिए 50% प्रतिपूर्ति।

उच्च प्रभाव अनुसंधान एवं विकास

डीप टेक स्टार्टअप हेतु विशेष वित्तीय प्रोत्साहन

उन्नत अनुदान
मानक से 2 गुना
दोगुना अनुदान

CoE अथवा यू-हब द्वारा अनुशंसित डीप टेक स्टार्टअप को मानक प्रोटोटाइप एवं सीड अनुदान का दो गुना तक लाभ प्रदान किया जाएगा।

पेशेंट कैपिटल
₹40 करोड़ तक
दीर्घकालिक पूंजी

राजस्व साझेदारी, बौद्धिक संपदा (IP) के व्यावसायीकरण अथवा दीर्घावधि CCPS इक्विटी के माध्यम से जोखिम-सहनशील सहायता।

अनुसंधान एवं विकास सहायता
40% समतुल्य सहायता
रॉयल्टी आधारित अनुसंधान एवं विकास अनुदान

सत्यापित अनुसंधान एवं विकास लागत पर गैर-इक्विटी समतुल्य अनुदान। ₹1 करोड़ से अधिक राजस्व प्राप्त होने के पश्चात ही 3% राजस्व रॉयल्टी के आधार पर देय।

अवसंरचना
₹2 लाख / वर्ष तक
कंप्यूटिंग संसाधन सहायता

प्रति वित्तीय वर्ष ₹50,000 से अधिक के क्लाउड एवं डेटा सेंटर व्यय पर 50% प्रतिपूर्ति।

सक्षम बनाने में सहायता

इनक्यूबेटर एवं उत्कृष्टता केंद्रों हेतु वित्तीय प्रोत्साहन

पूंजीगत सहायता
₹1.50 करोड़ तक
अवसंरचना पूंजीगत अनुदान

₹1.25 करोड़ तक 50% पूंजीगत अनुदान प्रतिपूर्ति (पूर्वांचल एवं बुंदेलखंड क्षेत्रों में ₹1.50 करोड़ तक)।

परिचालन सहायता
₹40 लाख / वर्ष
परिचालन व्यय (OPEX) अनुदान सहायता

इनक्यूबेटर के प्रदर्शन मूल्यांकन (KPIs) के आधार पर 5 वर्षों तक अथवा आत्मनिर्भर होने तक वार्षिक परिचालन अनुदान।

सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
₹12 करोड़ तक
CoE हेतु वित्तीय सहायता

क्वांटम, एआई एवं स्पेस टेक जैसे उभरते क्षेत्रों में 20 विश्वस्तरीय CoE स्थापित करने हेतु 5 वर्षों तक वित्तीय अनुदान।

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