
StartInUP द्वारा मान्यता प्राप्त गैर-सरकारी इनक्यूबेटरों के लिए प्रौद्योगिकी अवसंरचना की स्थापना अथवा विस्तार हेतु किए गए पूंजीगत व्यय पर पात्र राशि का अधिकतम 50% तक, ₹1.25 करोड़ की सीमा के अधीन प्रतिपूर्ति प्रदान की जाएगी। (पूर्वांचल/बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए यह सीमा ₹1.50 करोड़ तक होगी।) प्रथम किस्त अधिकतम स्वीकृत सीमा के 25% तक सीमित होगी। इस संबंध में दावा इनक्यूबेटरों द्वारा त्रैमासिक आधार पर प्रस्तुत किया जाएगा। सरकारी इनक्यूबेटरों को पूंजीगत अनुदान केवल असाधारण परिस्थितियों में, सशक्त समिति (की स्वीकृति के उपरांत ही प्रदान किया जाएगा।

इनक्यूबेटरों को परिचालन व्यय की पूर्ति हेतु प्रतिवर्ष अधिकतम ₹40 लाख तक की वित्तीय सहायता, अधिकतम 5 वर्षों अथवा आत्मनिर्भर बनने तक (जो भी पहले हो), प्रदान की जाएगी। 2 या उससे अधिक पंजीकृत स्टार्टअप वाले इनक्यूबेटर इस व्यय की प्रतिपूर्ति का दावा करने के पात्र होंगे। 10 पंजीकृत स्टार्टअप का लक्ष्य प्राप्त होने तक व्यय की प्रतिपूर्ति आनुपातिक आधार पर दावा की जा सकेगी। लक्ष्य प्राप्त होने के उपरांत शेष अवधि के लिए प्रतिवर्ष ₹40 लाख की पूर्ण सहायता का दावा किया जा सकेगा। परिचालन व्यय सहायता की वार्षिक निरंतरता पूर्णतः इनक्यूबेटर के प्रदर्शन पर आधारित होगी, जिसका मूल्यांकन बाह्य एजेंसी द्वारा संचालित इनक्यूबेटर प्रदर्शन मूल्यांकन रूपरेखा (Incubator Performance Evaluation Framework) के माध्यम से किया जाएगा तथा जिसे नोडल एजेंसी द्वारा जारी एवं PIU द्वारा अनुमोदित किया जाएगा। परिचालन व्यय की प्रतिपूर्ति वैध सहायक दस्तावेजों, जैसे चालान (Invoices), चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) द्वारा प्रमाणित उपयोगिता प्रमाणपत्र (Utilization Certificates) आदि, प्रस्तुत किए जाने के अधीन होगी। (प्रथम वर्ष के लिए शिथिलीकरण प्रदान किया जाएगा, जिसके अंतर्गत न्यूनतम 2 पंजीकृत स्टार्टअप होने की अनिवार्यता से छूट दी जाएगी। हालाँकि, प्रथम वर्ष की समाप्ति तक पूर्ण परिचालन व्यय सहायता प्राप्त करना जारी रखने के लिए इनक्यूबेटर के पास कम-से-कम 10 पंजीकृत स्टार्टअप होना अनिवार्य होगा। जिन इनक्यूबेटरों ने परिचालन के 5 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं, परंतु जिन्हें पूर्व में कोई OPEX अनुदान प्राप्त नहीं हुआ है अथवा केवल आंशिक OPEX सहायता प्राप्त हुई है, उन्हें भी अन्य निर्धारित पात्रता मानदंडों एवं प्रदर्शन आवश्यकताओं की पूर्ति के अधीन इस प्रावधान के अंतर्गत पात्र माना जाएगा।)