वित्तीय प्रोत्साहन हेतु आवेदन करने वाला इनक्यूबेटर StartInUP द्वारा मान्यता प्राप्त होना चाहिए।
नीति के अंतर्गत इनक्यूबेटर के रूप में मान्यता प्राप्त करने हेतु आवेदन करने वाले आवेदक पूंजीगत एवं परिचालन व्यय के लिए दावा कर सकते हैं।
मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटर द्वारा प्रस्तुत KPI/लक्ष्य अनुपालन रिपोर्ट एवं आवश्यक सहायक दस्तावेजों के आधार पर उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन निदेशालय द्वारा इनक्यूबेटरों का प्रदर्शन मूल्यांकन एवं त्रैमासिक आकलन किया जाएगा।
इनक्यूबेटर द्वारा अपेक्षित प्रदर्शन न करने की स्थिति में, अर्थात अनिवार्य 70% KPI लक्ष्य प्राप्त न करने तथा 2 वर्ष की अवधि में न्यूनतम 80% अनुदान का उपयोग न किए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
नीति के अंतर्गत इनक्यूबेटरों को प्रदान किए जाने वाले वित्तीय प्रोत्साहनों से संबंधित अन्य नियम एवं शर्तें PIU द्वारा पृथक रूप से जारी दिशा-निर्देशों के माध्यम से निर्धारित की जाएंगी।
इनक्यूबेटर आवेदकों को StartInUP Portal पर पंजीकरण करना होगा तथा नीति के अंतर्गत अनुदान हेतु PIU द्वारा उनकी मान्यता एवं अनुमोदन प्रदान किया जाएगा।
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